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Friday, April 25, 2014

BAS KAH DIYA …/ बस कह दिया …



Raat guzar gayi aur humein maloom nahin
khwabon ke rahguzar se aur humein maloom nahin.......

Hum saans to lete rahe har pal
kyon lete rahe humein maloom nahin.......

Ek nazm likhne ki koshish jo ki humne
dil safe par kab utra humein maloom nahin...

Saaz hathon mein thaam toh liya humne
raag koun sa chereN humein maloom nahin....

Bas kah diya ki tum jaan ho meri
kyun kaha, humein maloom nahin......


रात गुज़र गयी और हमें मालूम नहीं
ख़्वाबों के रहगुज़र से और हमें मालूम नहीं.......

हम साँस तो लेते रहे हर पल
क्यों लेते रहे हमें मालूम नहीं.......

एक नज़्म लिखने की कोशिश जो की हमने
दिल सफ़े पर कब उतरा हमें मालूम नहीं...

साज़ हाथों में थाम तो लिया हमने
राग कौन सा छेड़ें हमें मालूम नहीं....

बस कह दिया की तुम जान हो मेरी
क्यूँ कहा हमें मालूम नहीं ……

36 comments:

  1. आपकी लिखी रचना रविवार 27 अप्रेल 2014 को लिंक की जाएगी...............
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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  2. आपकी शुक्रगुज़ार हूँ यशोदा जी…

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  3. Replies
    1. बहुत बहुत आभार अंजू जी

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  4. मन के जज़्बातों को शब्दों से आपने सजीव वर्णन किय है
    ख़ूबसूरत अभिव्यक्ति आदरणीया।

    एक नज़र :- हालात-ए-बयाँ : ''भोलू का भोलापन''

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    1. तहे दिल से शुक्रिया प्रोत्साहन के लिए

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  5. बस कह दिया की तुम जान हो मेरी
    क्यूँ कहा हमें मालूम नहीं ……bahut bahut sundar

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    Replies
    1. उपासना जी शुक्रिया

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  6. वाह ! बहुत सुंदर !
    दिल को छू गयी आपकी गज़ल
    कब छू गयी हमें मालूम नहीं !

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    1. हौसला अफज़ाई के लिए शुक्रगुज़ार हूँ

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  7. हम साँस तो लेते रहे हर पल
    क्यों लेते रहे हमें मालूम नहीं.....
    ...वाह...बहुत खूब...

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    1. कैलाश जी धन्यवाद इस प्रतिक्रिया के लिए

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  8. Replies
    1. बहुत बहुत आभार

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  9. Hum saans to lete rahe har pal
    kyon lete rahe humein maloom nahin.
    Bahut khoobsurat. Nazm hai

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    1. सराहना के लिए आभार रीता जी

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  10. Bas kah diya bahut khoobsurat nazm hai.

    Had to say it in Hindi keeping the words in mind :)

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    1. thats very sweet of you … thanks Rachna :)

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  11. सुंदर रचना..ब्लॉग पर आके अच्छा लगा आपके।। अच्छा लिखती हैं....

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    1. हौसला अफज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया अंकुर जी

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  12. Replies
    1. शुक्रगुज़ार हूँ

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  13. "क्यूँ कहा हमें मालूम नही" .... क्या बात है, बहुत खूब

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    Replies
    1. मीनाजी समय निकालकर ब्लॉग पे आने का शुक्रिया

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  14. जो कह दिया, वो सही किया .......... :)
    बहुत सुंदर !!

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    1. सराहना के लिए बहुत बहुत शुक्रिया मुकेश जी

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  15. खूबशूरत रचना

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    Replies
    1. बहुत बहुत शुक्रिया

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  16. सचमुच हर सवाल का जवाब नहीं होता...सुंदर रचना !

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    1. टिप्पणी के लिए शुक्रगुज़ार हूँ अनीता जी…

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  17. Replies
    1. अंजू जी तहे दिल से आभार

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  18. A very nice read Aparna. Well written.

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  19. Thank you Indrani. Really appreciate

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